दिल्ली में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग
व्यक्तियों, HUF, प्रोफेशनल्स, व्यापारियों और NRI के लिए AY 2026-27 का ITR: समय पर, देर से (belated), संशोधित (revised) और अपडेटेड (ITR-U) रिटर्न सहित।
अंतिम अपडेट: · पेज SKAG and Associates द्वारा · English version
संक्षिप्त उत्तर
इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग क्या है?
यह साल भर की आय, कटौतियों और चुकाए गए टैक्स की जानकारी इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर देना है। AY 2026-27 (FY 2025-26 की आय) के रिटर्न Income-tax Act 1961 के तहत सही फ़ॉर्म में फाइल होते हैं, जैसे ITR-1, ITR-2, ITR-3 या ITR-4।
ITR किसे फाइल करना ज़रूरी है?
जिसकी कुल आय (कटौतियों से पहले) बेसिक छूट सीमा से ज़्यादा है (नई व्यवस्था में ₹4 लाख), भले ही 87A रिबेट से टैक्स शून्य हो जाए। कुछ लोगों को इस सीमा से कम आय पर भी रिटर्न भरना होता है, जैसे करंट अकाउंट में ₹1 करोड़ से ज़्यादा जमा, विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से ज़्यादा खर्च, ₹25,000 या उससे ज़्यादा TDS, या विदेशी संपत्ति।
तारीख निकल गई, अब क्या कर सकते हैं?
AY 2026-27 के लिए belated return 31 दिसंबर 2026 तक फाइल हो सकता है, ₹1,000 (आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 की फीस और बकाया टैक्स पर ब्याज के साथ। इसके बाद, जो रिटर्न फाइल नहीं हुआ, वह आम तौर पर केवल अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) के रूप में भरा जा सकता है, 25% से 70% अतिरिक्त टैक्स के साथ।
SKAG and Associates ITR का काम कैसे करती है?
एंगेजमेंट लेटर के बाद फर्म एक चेकलिस्ट भेजती है, Form 16 और अन्य स्टेटमेंट लेती है, AIS, TIS और Form 26AS डाउनलोड करके हर एंट्री का मिलान करती है और दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स निकालती है। ड्राफ्ट रिटर्न आपकी समीक्षा के लिए भेजा जाता है और आपकी मंज़ूरी के बाद ही फाइल होता है, फिर ई-वेरिफिकेशन होता है।
इस सेवा में क्या शामिल है
काम कैसे होता है
- एंगेजमेंट लेटर और जानकारी की माँगपहले आय के स्रोतों को समझने के लिए बातचीत, फिर आपकी स्थिति के अनुसार चेकलिस्ट।
- दस्तावेज़ इकट्ठा करनाForm 16, कैपिटल गेन स्टेटमेंट, बैंक ब्याज सर्टिफ़िकेट, किराए की रसीदें, दान की रसीदें, विदेशी संपत्ति का विवरण।
- AIS डाउनलोड और मिलानAIS, TIS और Form 26AS डाउनलोड करके हर एंट्री आपके रिकॉर्ड से मिलाई जाती है; अंतर पर आपसे बात होती है।
- गणना और व्यवस्था की तुलनादोनों व्यवस्थाओं में टैक्स की गणना; व्यवस्था आपकी लिखित मंज़ूरी पर चुनी जाती है।
- ड्राफ्ट रिटर्न और समीक्षाड्राफ्ट रिटर्न हर शेड्यूल के साथ, रिफ़ंड या देय टैक्स सहित, आपकी समीक्षा के लिए।
- फाइलिंग और ई-वेरिफिकेशनई-फाइलिंग पोर्टल पर आपके लॉगिन से या authorised representative के रूप में फाइलिंग, और 30 दिन के अंदर ई-वेरिफिकेशन।
शुरुआत कैसे करें
आप ईमेल या WhatsApp से शुरुआत कर सकते हैं। पहले ये चीज़ें भेजें:
- PAN और आधार, और ई-फाइलिंग पोर्टल का एक्सेस या आपका डाउनलोड किया हुआ AIS
- FY 2025-26 का Form 16 और आय के अन्य स्टेटमेंट (ब्याज, किराया, कैपिटल गेन)
- पिछले साल के ITR की acknowledgement, और अगर कोई नोटिस आया हो तो वह
इसके बाद: काम का दायरा (scope), बाकी ज़रूरी दस्तावेज़ और फीस एक लिखित एंगेजमेंट लेटर (engagement letter) में तय होते हैं, उसके बाद ही काम शुरू होता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- PAN और आधार (आपस में लिंक)
- Form 16 / Form 16A (TDS सर्टिफ़िकेट)
- बैंक खाते का विवरण और IFSC (रिफ़ंड के लिए पोर्टल पर pre-validated)
- बैंक / पोस्ट ऑफ़िस के ब्याज सर्टिफ़िकेट
- कैपिटल गेन स्टेटमेंट (ब्रोकर / म्यूचुअल फंड)
- किराए की आय का विवरण और रेंट एग्रीमेंट
- Section 80C निवेश के सबूत (PPF, LIC, ELSS, NSC आदि)
- Section 80D हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की रसीदें
- होम लोन ब्याज सर्टिफ़िकेट
- प्रॉपर्टी खरीद / बिक्री के दस्तावेज़ (अगर हों)
- विदेशी संपत्ति / विदेशी आय का विवरण (ROR के लिए)
- पिछले साल के ITR की कॉपी
अपने मामले के लिए आप संपर्क फ़ॉर्म से विवरण भेज सकते हैं, +91 88022 54567 पर कॉल कर सकते हैं या WhatsApp पर लिख सकते हैं (सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे)।
सरकारी फीस और अतिरिक्त टैक्स
नियत तारीख (due date) तक फाइल किए गए रिटर्न पर कोई सरकारी फीस नहीं लगती। AY 2026-27 में देर से या बाद में फाइल होने वाले रिटर्न पर ये राशियाँ लागू हैं:
| मद (Item) | सरकारी फीस / शुल्क | आधार और नोट |
|---|---|---|
| Belated return, Section 139(4) | कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000; अन्यथा ₹5,000 | Section 234F; बकाया टैक्स पर Section 234A का ब्याज भी |
| 31 दिसंबर 2026 के बाद revised return | कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000; अन्यथा ₹5,000 | Section 234-I (Finance Act 2026) |
| Updated return (ITR-U) | टैक्स और ब्याज का 25%, 50%, 60% या 70% | Section 140B, 48 महीनों के अंदर फाइलिंग के समय के अनुसार |
ये केवल सरकारी फीस और शुल्क हैं। फर्म की प्रोफेशनल फीस इस वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं की जाती; यह काम के दायरे पर निर्भर करती है और एंगेजमेंट लेटर में तय होती है।
नियम और व्यावहारिक बातें
मेरे लिए कौन-सा ITR फ़ॉर्म है?
| ITR फ़ॉर्म | कौन भर सकता है | कौन नहीं भर सकता |
|---|---|---|
| ITR-1 (Sahaj) | निवासी (ordinarily resident) व्यक्ति, कुल आय ₹50 लाख तक: वेतन या पेंशन, अधिकतम दो मकान, अन्य स्रोत, और Section 112A के तहत ₹1.25 लाख तक का long-term capital gain | अन्य कैपिटल गेन, विदेशी आय या संपत्ति, दो से ज़्यादा मकान, व्यापार की आय, ₹5,000 से ज़्यादा कृषि आय, कंपनी डायरेक्टर, unlisted शेयर रखने वाले |
| ITR-2 | बिना व्यापार की आय वाले व्यक्ति / HUF, जिनमें कैपिटल गेन, कई मकान या विदेशी आय हो | व्यापार या प्रोफेशन की आय वाले |
| ITR-3 | व्यापार या प्रोफेशन की आय वाले व्यक्ति / HUF | कंपनियाँ, LLP |
| ITR-4 (Sugam) | Section 44AD, 44ADA, 44AE के तहत presumptive आय (टर्नओवर ₹3 करोड़ / ₹75 लाख तक, जहाँ नकद प्राप्तियाँ 5% के अंदर हों) | कैपिटल गेन (Section 112A के ₹1.25 लाख तक के gain को छोड़कर), दो से ज़्यादा मकान, विदेशी संपत्ति, ₹5,000 से ज़्यादा कृषि आय |
AY 2026-27 की मुख्य तिथियाँ (FY 2025-26 की आय)
- 31 जुलाई 2026: बिना व्यापार / प्रोफेशन की आय वाले व्यक्ति और HUF (ITR-1 / ITR-2)
- 31 अगस्त 2026: ऑडिट के दायरे से बाहर व्यापार या प्रोफेशन की आय, जिसमें 44AD/44ADA के presumptive केस और बिना ऑडिट वाली फर्म और LLP शामिल हैं (Finance Act 2026)
- 21 अक्टूबर 2026: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Form 3CA / 3CB और Form 3CD); CBDT Circular 07/2026 से 30 सितंबर से बढ़ाई गई
- 21 नवंबर 2026: टैक्स ऑडिट वाले केस का ITR; CBDT Circular 07/2026 से 31 अक्टूबर से बढ़ाई गई
- 30 नवंबर 2026: ट्रांसफ़र प्राइसिंग वाले केस का ITR (इस बढ़ोतरी में शामिल नहीं)
- 31 दिसंबर 2026: belated return की अंतिम तिथि (Section 234F फीस के साथ), और बिना फीस revised return की अंतिम तिथि
- 31 मार्च 2027: AY 2026-27 के revised return की अंतिम तिथि; 31 दिसंबर 2026 के बाद संशोधन पर Section 234-I की फीस ₹1,000 (कुल आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 (Finance Act 2026)
31 जुलाई या 31 अगस्त निकल गई? अब भी क्या कर सकते हैं
| आपकी स्थिति (AY 2026-27) | रास्ता | अंतिम तिथि | लागत |
|---|---|---|---|
| रिटर्न अभी फाइल नहीं हुआ | Belated return, Section 139(4) | 31 दिसंबर 2026 | Section 234F फीस: कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000, अन्यथा ₹5,000; बकाया टैक्स पर Section 234A का 1% मासिक ब्याज |
| रिटर्न फाइल हुआ, पर गलती या कुछ छूट गया | Revised return, Section 139(5) | 31 मार्च 2027 (या असेसमेंट पूरा होने तक, जो पहले हो) | 31 दिसंबर 2026 तक कोई फीस नहीं; उसके बाद Section 234-I के तहत ₹1,000 या ₹5,000 |
| 31 दिसंबर 2026 तक रिटर्न नहीं भरा, या संशोधन की अवधि के बाद आय छूटी मिली | Updated return (ITR-U), Section 139(8A) | असेसमेंट ईयर के अंत से 48 महीनों के अंदर | टैक्स और ब्याज का 25%, 50%, 60% या 70% अतिरिक्त टैक्स, फाइलिंग के समय के अनुसार |
- बिना व्यापार की आय वालों के लिए belated return में पुरानी व्यवस्था नहीं। वेतनभोगी या पेंशनर पुरानी व्यवस्था केवल Section 139(1) की नियत तारीख तक फाइल रिटर्न में चुन सकते हैं (Section 115BAC(6))। इसलिए belated return में टैक्स नई व्यवस्था से ही लगता है।
- घाटा (Losses): देर से रिटर्न भरने पर उस साल का व्यापार और कैपिटल लॉस आगे carry forward नहीं होता; मकान की आय का घाटा और unabsorbed depreciation हो सकते हैं।
- रिफ़ंड: belated return प्रोसेस होने पर रिफ़ंड फिर भी मिलता है।
Updated return से आय कम नहीं दिखाई जा सकती और न ही रिफ़ंड माँगा या बढ़ाया जा सकता है। अतिरिक्त टैक्स का अनुमान ITR-U कैलकुलेटर से और फीस Section 234F लेट फीस कैलकुलेटर से देख सकते हैं (अंग्रेज़ी में)।
छूट सीमा से कम आय पर भी किसे रिटर्न भरना होता है
रिटर्न तब ज़रूरी है जब Chapter VI-A की कटौतियों से पहले की कुल आय बेसिक छूट सीमा से ज़्यादा हो: नई व्यवस्था में ₹4 लाख; पुरानी व्यवस्था में ₹2.5 लाख (60 से 79 वर्ष के निवासियों के लिए ₹3 लाख, 80 वर्ष या ऊपर ₹5 लाख)। यह तब भी लागू है जब 87A रिबेट से टैक्स शून्य हो, इसलिए ₹10 लाख वेतन वाले को भी रिटर्न भरना है। आय कुछ भी हो, FY 2025-26 में अगर आपने:
- एक या ज़्यादा करंट अकाउंट में ₹1 करोड़ से ज़्यादा जमा किए;
- अपनी या किसी और की विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से ज़्यादा खर्च किए;
- बिजली पर ₹1 लाख से ज़्यादा खर्च किए;
- व्यापार का टर्नओवर ₹60 लाख से ज़्यादा या प्रोफेशनल प्राप्तियाँ ₹10 लाख से ज़्यादा रहीं;
- TDS और TCS ₹25,000 या उससे ज़्यादा रहा (60 वर्ष या ऊपर के निवासियों के लिए ₹50,000);
- एक या ज़्यादा सेविंग्स अकाउंट में ₹50 लाख या उससे ज़्यादा जमा किए; या
- निवासी (ordinarily resident) होते हुए विदेशी संपत्ति रखी या किसी विदेशी खाते में signing authority रही,
तो भी रिटर्न भरना ज़रूरी है। रिफ़ंड लेने या घाटा आगे ले जाने के लिए भी रिटर्न ज़रूरी है।
FY 2025-26 के लिए पुरानी बनाम नई व्यवस्था: एक उदाहरण
AY 2024-25 से Section 115BAC की नई व्यवस्था डिफ़ॉल्ट है। FY 2025-26 के स्लैब: ₹4 लाख तक शून्य, फिर हर अगले ₹4 लाख पर 5%, 10%, 15%, 20% और 25%, और ₹24 लाख से ऊपर 30%; वेतन पर ₹75,000 का standard deduction, और ₹12 लाख तक की taxable income पर रिबेट से टैक्स शून्य।
उदाहरण: ₹15 लाख वेतन, 80C में ₹1.5 लाख, 80D में ₹25,000 और अपने रहने वाले मकान के होम लोन पर ₹2 लाख ब्याज।
| मद | नई व्यवस्था | पुरानी व्यवस्था |
|---|---|---|
| वेतन | ₹15,00,000 | ₹15,00,000 |
| Standard deduction | ₹75,000 | ₹50,000 |
| 80C + 80D + होम लोन ब्याज | अनुमति नहीं | ₹3,75,000 |
| Taxable income | ₹14,25,000 | ₹10,75,000 |
| सेस से पहले टैक्स | ₹93,750 | ₹1,35,000 |
| हेल्थ और एजुकेशन सेस (4%) | ₹3,750 | ₹5,400 |
| कुल टैक्स | ₹97,500 | ₹1,40,400 |
₹4.25 लाख की कटौतियों के बाद भी यहाँ नई व्यवस्था में लगभग ₹42,900 कम टैक्स है। इस वेतन पर पुरानी व्यवस्था तभी सस्ती पड़ती है जब कुल कटौतियाँ और छूट (उसके ₹50,000 standard deduction सहित) लगभग ₹5.94 लाख से ज़्यादा हों। अपने आँकड़ों से तुलना regime comparison टूल में करें।
व्यवस्था बदलना: बिना व्यापार की आय वाले हर साल नियत तारीख तक फाइल रिटर्न में व्यवस्था नए सिरे से चुन सकते हैं। व्यापार या प्रोफेशन की आय वालों के लिए नई व्यवस्था से बाहर निकलने हेतु नियत तारीख तक Form 10-IEA ज़रूरी है, और बाहर निकलने के बाद नई व्यवस्था में वापसी केवल एक बार हो सकती है।
वेतनभोगियों (salaried) के लिए ITR
- Form 16 बनाम AIS और Form 26AS: Form 16 का वेतन और TDS, पोर्टल पर AIS और Form 26AS से मिलाएँ। अंतर अक्सर पिछले नियोक्ता के वेतन, नियोक्ता के TDS रिटर्न न भरने या गलत PAN, या ब्याज और डिविडेंड से आता है। नियोक्ता से TDS रिटर्न सुधरवाएँ; अगर AIS की एंट्री ही गलत है तो AIS मॉड्यूल में feedback दें।
- साल में दो नियोक्ता: दोनों अलग-अलग छूट और standard deduction देते हैं, इसलिए कुल टैक्स अक्सर कम कटता है। रिटर्न में दोनों वेतन जोड़ें और बाकी टैक्स फाइलिंग से पहले self-assessment tax के रूप में भरें।
- HRA: House rent allowance की छूट केवल पुरानी व्यवस्था में है (Section 10(13A))। किराया साल में ₹1 लाख से ज़्यादा हो तो मकान मालिक का PAN रखें।
- रिफ़ंड: ज़्यादा कटा TDS रिटर्न के ई-वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग के बाद, केवल पोर्टल पर pre-validated और PAN से लिंक बैंक खाते में आता है।
टैक्स ईयर 2026-27 (1 अप्रैल 2026 से मिलने वाला वेतन) से नियोक्ता का सर्टिफ़िकेट Form 16 की जगह Form 130 होगा, और निवेश व HRA की घोषणाएँ Form 124 में दी जाएँगी।
फाइल करने के बाद
- 30 दिन के अंदर ई-वेरिफ़ाई करें (आधार OTP, नेट बैंकिंग या pre-validated बैंक / डीमैट खाते से)। देर से वेरिफ़ाई करने पर वेरिफ़िकेशन की तारीख ही फाइलिंग की तारीख मानी जाती है, जिससे समय पर भरा रिटर्न भी लेट हो सकता है।
- Section 143(1) के तहत प्रोसेसिंग: CPC रिटर्न को अपने डेटा से मिलाकर intimation भेजता है, जिसमें कोई बदलाव नहीं, रिफ़ंड या डिमांड होती है।
- Section 143(1)(a) का प्रस्तावित adjustment: CPC किसी राशि में बदलाव का प्रस्ताव करे तो 30 दिन के अंदर जवाब माँगता है।
आम गलतियाँ
- फाइलिंग से पहले AIS न देखना। AIS में दिखा ब्याज, डिविडेंड या शेयर की बिक्री रिटर्न में छूट जाए तो 143(1)(a) का प्रस्ताव या ई-वेरिफ़िकेशन की पूछताछ आती है।
- Belated return में पुरानी व्यवस्था चुनना। बिना व्यापार की आय के, पुरानी व्यवस्था केवल नियत तारीख तक फाइल रिटर्न में मिलती है।
- फाइल करके ई-वेरिफ़ाई न करना। 30 दिन में वेरिफ़ाई न हुआ रिटर्न वेरिफ़िकेशन की तारीख पर फाइल माना जाता है, जिससे वह लेट हो सकता है।
- ITR-1 का गलत इस्तेमाल। Section 112A के छोटे gain के अलावा कैपिटल गेन, विदेशी संपत्ति या डायरेक्टरशिप हो तो ITR-2 या दूसरा फ़ॉर्म चाहिए; गलत फ़ॉर्म defective माना जा सकता है।
- ₹12 लाख से कम आय पर रिटर्न ज़रूरी न मानना। रिटर्न की शर्त कटौतियों से पहले की बेसिक छूट सीमा (नई व्यवस्था में ₹4 लाख) है, रिबेट की सीमा नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
AY 2026-27 के ITR की अंतिम तिथि क्या है?
बिना व्यापार / प्रोफेशन की आय वाले वेतनभोगियों और अन्य के लिए नियत तारीख 31 जुलाई 2026 थी। ऑडिट के दायरे से बाहर व्यापार या प्रोफेशन की आय के लिए 31 अगस्त 2026 (Finance Act 2026)। टैक्स ऑडिट वाले केस के लिए 21 नवंबर 2026 (CBDT Circular 07/2026 से 31 अक्टूबर से बढ़ाई गई), और ट्रांसफ़र प्राइसिंग केस के लिए 30 नवंबर 2026। Belated return 31 दिसंबर 2026 तक और revised return 31 मार्च 2027 तक फाइल हो सकता है।
क्या ₹12 लाख से कम आय पर ITR भरना ज़रूरी है?
आम तौर पर हाँ। ₹12 लाख वह सीमा है जिस तक नई व्यवस्था में 87A रिबेट से टैक्स शून्य होता है; रिटर्न की शर्त बेसिक छूट सीमा पर निर्भर है, जो ₹4 लाख है। इस पेज पर बताए गए मामलों में, जैसे ₹25,000 या ज़्यादा TDS या विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से ज़्यादा खर्च, उससे कम आय पर भी रिटर्न ज़रूरी है।
क्या मैं हर साल पुरानी और नई व्यवस्था बदल सकता हूँ?
बिना व्यापार या प्रोफेशन की आय के, हाँ: चुनाव हर साल नियत तारीख तक फाइल रिटर्न में होता है। Belated return में टैक्स नई व्यवस्था से लगता है। व्यापार या प्रोफेशन की आय वालों के लिए बाहर निकलने हेतु नियत तारीख तक Form 10-IEA चाहिए, और वापसी केवल एक बार हो सकती है।
31 दिसंबर 2026 के बाद ITR फाइल हो सकता है?
जो रिटर्न बिल्कुल फाइल नहीं हुआ, वह उसके बाद आम तौर पर केवल अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) के रूप में, Section 139(8A) के तहत, असेसमेंट ईयर के अंत से 48 महीनों के अंदर, टैक्स और ब्याज के 25% से 70% अतिरिक्त टैक्स के साथ भरा जा सकता है। ITR-U से रिफ़ंड नहीं माँगा जा सकता। समय पर या belated फाइल हुआ रिटर्न 31 मार्च 2027 तक Section 234-I की फीस के साथ revise हो सकता है।
Form 16 और AIS मेल नहीं खाते। रिटर्न में कौन-सा आँकड़ा डालें?
सही आय दिखाएँ, जिस भी दस्तावेज़ में वह हो। अगर नियोक्ता ने टैक्स काटा पर Form 26AS या AIS में नहीं दिख रहा, तो नियोक्ता से TDS रिटर्न सुधरवाएँ ताकि क्रेडिट मिल सके। अगर AIS की कोई एंट्री गलत या दोहरी है, तो ई-फाइलिंग पोर्टल के AIS मॉड्यूल में feedback दें और सबूत रखें।
रिफ़ंड अभी तक क्यों नहीं आया?
रिफ़ंड रिटर्न के ई-वेरिफ़िकेशन और Section 143(1) के तहत प्रोसेसिंग के बाद ही, और केवल पोर्टल पर pre-validated और PAN से लिंक बैंक खाते में आता है। देरी के आम कारण: रिटर्न ई-वेरिफ़ाई न होना, बैंक खाता validate न होना या नाम में अंतर, आपके जवाब का इंतज़ार कर रहा adjustment, या Section 245 के तहत पुरानी डिमांड से समायोजन। स्टेटस पोर्टल पर दिखता है।
क्या मुझे CA की ज़रूरत है या मैं खुद ITR भर सकता हूँ?
सिर्फ़ वेतन वाले सीधे ITR-1 केस में पोर्टल का pre-filled रिटर्न इस्तेमाल किया जा सकता है। कैपिटल गेन, विदेशी आय या संपत्ति, दो से ज़्यादा मकान, व्यापार या presumptive आय, या व्यवस्था के चुनाव में ज़्यादा सावधानी से गणना चाहिए, क्योंकि गलत रिटर्न से नोटिस, रिफ़ंड में देरी या adjustment हो सकता है। चुनाव आपका है।
SKAG and Associates चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की फर्म है, जिसका ऑफ़िस Kh.No-84, Plot No -RZ-I-1, F/Floor, 12/2, Main Rd, opposite Yammaha Showroom, Mahavir Enclave, New Delhi – 110045 पर है। प्रोप्राइटर: CA गौरव सिंह (ICAI सदस्यता संख्या 539050)। दिल्ली के बाहर के क्लाइंट्स के साथ काम फ़ोन, ईमेल और WhatsApp से होता है।
सभी काम Chartered Accountants Act, 1949 और ICAI Code of Ethics के अनुसार किए जाते हैं।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग (Income Tax Return Filing) के बारे में प्रश्न?
अपने तथ्यों और ज़रूरत पर चर्चा के लिए आप CA गौरव सिंह से संपर्क कर सकते हैं।
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